एक कमरे में 60 परीक्षार्थी तो तीन कक्ष निरीक्षक होंगे तैनात

  • एक कमरे में 60 परीक्षार्थी तो तीन कक्ष निरीक्षक होंगे तैनात

 

यूपी बोर्ड सचिव ने परीक्षा के लिए दिए निर्देश, अनुपस्थित रहने पर होगी कार्रवाई

 

प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए प्रत्येक कमरे में कश्च निरीक्षकों की नियुक्ति परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक कमरे में 40 परीक्षार्थियों तक दो कक्ष निरीक्षक तथा 41 से 60 परीक्षार्थियों तक तीन कक्ष निरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे।

 

सभी केंद्र व्यवस्थापक अपने केंद्र के परीक्षार्थियों की तिथिवार, विषववार एवं कक्षवार संख्या परीक्षा शुरू होने से पहले संबंधित डीआईओएस को भेजेंगे। परीक्षा केंद्र पर 50 प्रतिशत कक्ष निरीक्षक बाहरी रखे जाएंगे। जिस दिन जिस विषय की परीक्षा हो उस पाली में उस विषय के अध्यापक की इयूटी कश्च निरीक्षक एवं अवमोचक के रूप में नहीं लगाई जाएगी।

 

एक ही प्रबंधतंत्र के अधीन संचालित अन्य विद्यालयों के निधारित परीक्षा केंद्रों पर उसी प्रबंधतंत्र में संचालित विद्यालयों के अध्यापकों को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक की इयूटी नहीं लगाई जाएगी। केंद्र की आवश्यकतानुसार कक्ष निरीक्षक उपलब्ध न होने पर वरीयताक्रम में पहले माध्यमिक विद्यालय, फिर उच्च प्राथमिक विद्यालयों तथा अंत में प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों को कक्ष

 

किसी मंडल ने नहीं दी केंद्रों की जांच रिपोर्ट

 

ओएमआर भरवाएंगे कक्ष निरीक्षक

 

हाईस्कूल में इस्तेमाल होने वाली ओएमआर शीट के प्रयोग के संबंध में केंद्र व्यवस्थापकों के लिए निर्देश पुस्तिका में उल्लिखित सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों को कह निरीक्षक अवश्य पढ़ ले एवं उनका पालन करें। कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी होगी कि परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों को भी इन निर्देशों से अवगत करा दें, जिससे ओएमआर शीद भरने में उनसे कोई त्रुटि न होने पार।

 

निरीक्षक के रूप में नियुक्त किया आएगा। ऐसे कक्ष निरीक्षक जिनके पाल्य एवं संबंधी जिस केंद्र पर परीक्षा दे रहे हैं वे उस केंद्र पर कक्ष निरीक्षण कार्य के पात्र नहीं होंगे। परिषदीय परीक्षाओं में जिनकी ड्यूटी केंद्र व्यवस्थापक, बाहय केन्द्रव्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाई जाएगी, यदि वे दायित्व निर्वहन में आनाकानी करें या जान बुझकर अनुपस्थित हों, तो उन्हें जनहित में ड्यूटी से अनुपस्थित माना जाएगा तथा उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 

प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र बनाने में हुई गड़बड़ी की जांच। रिपोर्ट किसी मंडल से नहीं मिली है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने प्रदेश के सभी मंडलीय उप शिक्षा निदेशकों को पत्र लिखकर राजकीय और एडेड कॉलेजों को परीक्षा केंद्र न बनाने की जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट 30 तीस जनवरी तक यूपी बोर्ड के सचिव को भेजने के आदेश दिए थे। लेकिन समयसीमा बीतने के बावजूद प्रदेश के 18 में से किसी भी मंडल ने रिपोर्ट नहीं भेजी है। ऐसे में मंडलीय उप शिक्षा निदेशकों पर भी कार्रवाई की चर्चा शुरू

 

हो गई है। सचिव दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि किसी मंडल से जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। 2024 की परीक्षा के लिए बोर्ड मुख्यालय से ऑनलाइन 7884 केंद्र बनाए गए थे। इनमें प्रदेश के 1017 राजकीय इंटर कॉलेज और 3537 अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेज भी शामिल थे।। इन केंद्रों का चपन छह सितंबर 2023 को शासन की ओर से जारी केंद्र निर्धारण नीति के तहत खास सॉफ्टवेयर से किया गया

 

कई बार मांगने के वजूद चारों जिलों (प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ और फतेहपुर से केंद्र निर्धारण संबंधित अभिलेख नहीं मिल सके है। दो दिन का और मौका दिया है। अन्यथा की स्थिति में सूचना बोर्ड मुख्यालय को भेज दी जाएगी।

 

– आरएन विश्वकर्मा,

 

उपशिक्षा निदेशक प्रयागराजमहत

 

था। चयन से पूर्व माध्यमिक विद्यालय की ओर से यूपी बोर्ड को उपलब्ध कराई गई समस्त आधारभूत सूचनाओं का जिला विद्यालय निरीक्षकों से परीक्षण भी करवाया गया था।

 

हालांकि सॉफ्टवेयर से निर्धारित केंद्रों की सूची जब जिला स्तरीय समिति को भेजी गई तो पूरे प्रदेश में 1017 जीआईसी में से 461 और 3537 एडेड कॉलेजों में से 58 को बाहर कर दिया गया। इतना ही नहीं केंद्रों की संख्या 7884 से बढ़ाकर 8265 कर दी गई। दोनों श्रेणी के कॉलेजों को इतनी बड़ी संख्या में केंद्र सूची से बाहर करना चौंकाने वाला था।

1february


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