सीएम पद छोड़ा हेमंत सोरेन गिरफ्तार

सख्ती : भूमि घोटाले में साढ़े छह घंटे ईडी की पूछताछ के बाद झामुमो नेता ने सीएम पद छोड़ा हेमंत सोरेन गिरफ्तार

 

रांची, संवाददाता। झारखंड में बुधवार को हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा हुआ। रांची जमीन घोटाले में साढ़े छह घंटे पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया। ईडी ने यह कार्रवाई हेमंत के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद की। इसके बाद इंडी उन्हें अपने दफ्तर ले गई। हेमंत को गुरुवार सुबह 10:30 बजे अदालत में पेश किया जाएगा।

ईडी अफसरों पर एफआई आर दर्ज कराई: दोपहर लगभग 1:30 बजे प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों की टीम रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंची। पूछताछ शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही झामुमो नेता हेमंत सोरेन की शिकायत के आधार पर ईडी के एसोसिएट डायरेक्टर समेत चार अफसरों के खिलाफ आदिवासी को प्रताड़ित करने की एफआईआर दर्ज करा दी गई। ईडी अफसरों के खिलाफ जिन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है उसमें अधिकतम पांच साल की सजा का प्रावधान है।

भूमि घोटाले, निवेश के बारे में पूछे सवाल : जानकारी के मुताबिक, हेमंत सोरेन से ईडी ने दिल्ली आवास में छापेमारी के दौरान मिले 36 लाख रुपये के स्रोत के संबंध में जानकारी मांगी। इस दौरान जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेजों के अलावा निवेश संबंधी कई दस्तावेज भी मिले थे। इन दस्तावेजों के संबंध में ईडी ने पूछताछ

की। वहीं, जांच एजेंसी ने हेमंत से 28- 29 जनवरी की रात की गतिविधियों के बारे में भी पूछा। लंबी पूछताछ के बाद हेमंत सोरेन को इंडी ने गिरफ्तार कर लिया।

पत्नी कल्पना सोरेन मिलने पहुंचींः ईडी की टीम हेमंत सोरेन को अपने दफ्तर ले गई है। इसके बाद ईडी

कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हेमंत की पत्नी कल्पना सोरेन उनसे मिलने ईडी कार्यालय पहुंचीं।

हाईकोर्ट पहुंचे हेमंतः इससे पहले, हेमंत सोरेन ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ बुधवार शाम उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। इसमें ईडी की कार्रवाई को गलत बताया गया है।

उनका कहना है कि ईडी के अधिकारी उन पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। इस मामले में गुरुवार सुबह 11 बजे सुनवाई होगी। इस बीच, हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी संगठनों ने एक फरवरी को झारखंड बंद रखने का ऐलान किया है।

कैबिनेट मंत्री चंपई सोरेन विधायक दल के नेता बने

हेमंत सोरेन की जगह कैबिनेट मंत्री रहे चंपई सोरेन को गठबंधन विधायक दल का नेता चुना गया। महागठबंधन ने 43 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया है। हालांकि, राज्यपाल ने उन्हें न्योता नहीं दिया है।

 

हेमंत ने कविता साझा की

 

यह एक विराम है, जीवन महासंग्राम है हर पल लड़ा हू, हर पल लहूगा पर समझौते की भीख में लूंगा नहीं क्या हार में, क्या जीत में किचित नहीं भयभीत में लघुता न अब मेरी छुओ तुम हो महान, बने रहो अपने लोगों के हृदय की वेदना मैं व्यर्थ त्यागूंगा नहीं हार मानूंगा नहीं… जय झारखंड ! (गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर पहली पोस्ट)

 

आयकर विभाग आदि अब सरकारी एजेंसियां नहीं रहीं। अब यह भाजपा की ‘विपक्ष मिटाओ सेल’ बन चुकी हैं। – राहुल गांधी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष

 

रांची में हेमंत सोरेन ने बुधवार देर शाम राजभवन पहुंचकर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौपा। एजेंसी


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